आयुर्वेद (Ayurveda) —सनातन आरोग्यता का आधार
आइए, आयुर्वेद से जुड़े हर उस बुनियादी प्रश्न का उत्तर आसान भाषा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझें, जो अक्सर एक
आइए, आयुर्वेद से जुड़े हर उस बुनियादी प्रश्न का उत्तर आसान भाषा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझें, जो अक्सर एक
आयुर्वेद के अनुसार, आधुनिक जीवनशैली के कारण उत्पन्न होने वाले दो सबसे प्रमुख विकार—वात दोष (जोड़ों का दर्द, साइटिका, लकवा)
आधुनिक समय में जहाँ लोग कृत्रिम सप्लीमेंट्स के पीछे भाग रहे हैं, वहीं आयुर्वेद में आंवला को एक संपूर्ण प्राकृतिक
आधुनिक चिकित्सा पद्धतियाँ जहाँ किसी एक रोग के लिए कई औषधियों की सिफारिश करती हैं, वहीं आयुर्वेद में नीम (Azadirachta
एक नीम, सौ हकीम: आयुर्वेद का वह अमर वृक्ष जो मिटाता है सौ रोग Read Post »
जब मौसम बदलता है, तो वातावरण के साथ-साथ मानव शरीर के भीतर विद्यमान तीन मौलिक जैविक ऊर्जाओं—वात, पित्त और कफ—की
ऋतुचर्या (Ritucharya): 6 ऋतुओं के अनुसार आहार और जीवनशैली Read Post »
चरक संहिता के अनुसार, जब तक ये तीनों दोष शरीर में अपनी प्राकृतिक साम्यावस्था (Equilibrium) में रहते हैं, तब तक
त्रिदोष सिद्धांत (वात, पित्त, कफ): अपनी प्रकृति कैसे पहचानें? Read Post »
‘रसौन’ शब्द का संधि-विच्छेद ही इसके महत्त्व को स्पष्ट करता है: ‘रसैः ऊनः इति रसौनः’ अर्थात् जिसमें छह रसों (मधुर,
आयुर्वेद शास्त्र में फिटकरी को ‘स्फटिक’, ‘स्फटिका’, ‘शुभ्रा’, ‘रंगदा’ और ‘कांक्षी’ के नाम से जाना जाता है। आयुर्वेद के ‘उपरस’
फिटकरी (स्फटिक) का महत्त्व: रसशास्त्र की अनमोल धरोहर Read Post »
तुलसी का शाब्दिक अर्थ है—‘तुला नास्ति अस्याः इति तुलसी’ अर्थात जिसकी तुलना किसी अन्य वनस्पति से न की जा सके,
तुलसी: देवीय औषधि के 7 सबसे प्रमुख स्वास्थ्य लाभ Read Post »
प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार, अदरक जब ताजा होता है तो इसे ‘आर्द्रक’ और जब सूख जाता है तो इसे
अदरक की चाय: सर्दी-जुकाम और कफ विकारों में रामबाण Read Post »
हरिद्रा शब्द का शाब्दिक अर्थ है—‘जो शरीर के वर्ण (रंग) को कांतिमान बनाए और रोगों को दूर करे’। विषैले तत्वों
हल्दी: आयुर्वेद की अनमोल धरोहर – दिव्य औषधि हरिद्रा Read Post »
आयुर्वेद के प्रसिद्ध सिद्धांत के अनुसार नाक को सीधे मस्तिष्क का प्रवेश द्वार माना गया है: “नासा हि शिरसो द्वारम्।”
नस्य कर्म: आयुर्वेद में सिर के रोगों का अचूक रामबाण Read Post »
सप्तधातु क्या हैं? (पोषण की क्रमिक यात्रा) हम जो भी भोजन ग्रहण करते हैं, वह जठराग्नि (Digestive Fire) द्वारा पचकर
आयुर्वेद का सप्तधातु विज्ञान: शरीर निर्माण और संपूर्ण आरोग्य का आधार Read Post »
प्राचीन शास्त्रीय ग्रंथों में ऐसे बहु-औषधीय योगों (Polyherbal Formulas) का वर्णन है, जो किसी एक दोष को भड़काए बिना तीनों
नियमित और सही तरीके से चलना शरीर की सक्रियता, हृदय स्वास्थ्य, वजन प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी
पैदल चलना: दुनिया का सर्वाधिक प्रभावी और सरल व्यायाम! Read Post »
आयुर्वेद में इसे महत्वपूर्ण रसायन द्रव्य माना गया है—अर्थात ऐसा द्रव्य जो शरीर के पोषण और समग्र स्वास्थ्य को सहारा
गिलोय: आयुर्वेद की ‘अमृता’ क्यों मानी गई? जानिए गुण-कर्म, उपयोग और घरेलू प्रयोग Read Post »
आधुनिकता की अंधी दौड़, असंतुलित खान-पान और अनियमित दिनचर्या ने आज मानव समाज को शारीरिक व मानसिक व्याधियों के जाल
दैनिक जीवन में त्रिदोष संतुलन और प्राकृतिक दिनचर्या का महत्व Read Post »
शीत ऋतु (सर्दियों के मौसम) के आगमन के साथ ही तापमान में गिरावट, शुष्क हवाओं और प्रदूषण के कारण गले
आधुनिक जीवनशैली, अनियमित खान-पान, मानसिक तनाव और प्रसंस्कृत (Processed) आहार के अत्यधिक सेवन ने आज हर दूसरे व्यक्ति को पेट
पाचन शक्ति बढ़ाने और पेट की गैस से राहत पाने के आयुर्वेदिक उपाय Read Post »