मौसम के बदलते ही गले में दर्द और खराश होना एक आम समस्या है। दवाओं पर तुरंत निर्भर होने के बजाय हमारे घरों में सदियों से अपनाए जाने वाले आयुर्वेदिक नुस्खे बहुत असरदार साबित होते हैं। सही जड़ी-बूटियों का सही समय पर इस्तेमाल शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है।
अदरक और शहद का अद्भुत मेल
अदरक में सूजन रोधी और रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो गले के संक्रमण से राहत दिलाते हैं। आधा चम्मच अदरक का रस लें और उसमें एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार धीरे-धीरे चाटें। यह घरेलू नुस्खा गले की जलन को तुरंत शांत करने में मदद करता है।
तुलसी और काली मिर्च की गर्म चाय
तुलसी की आठ से दस पत्तियों को दो कप पानी में थोड़ी सी कुटी हुई काली मिर्च के साथ उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर गुनगुना पिएं। यह काढ़ा वात और कफ दोष को संतुलित करता है और श्वसन तंत्र को साफ रखता है।
नमक और हल्दी वाले पानी के गरारे
सुबह उठकर और रात को सोने से पहले गुनगुने पानी में आधा चम्मच सेंधा नमक और चुटकी भर हल्दी मिलाकर गरारे करना बहुत फायदेमंद है। हल्दी का प्राकृतिक एंटीसेप्टिक गुण गले के बैक्टीरिया को नष्ट करता है और सूजन कम करता है।
